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*प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीमार, कैसे हो मरीजों का इलाज – चिकित्सक के नियमित नहीं आने से एक दर्जन से अधिक गांवों के मरीज परेशान, – मरीजो को निजी चिकित्सकों का लेना पड़ रहा सहारा*

*प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीमार, कैसे हो मरीजों का इलाज - चिकित्सक के नियमित नहीं आने से एक दर्जन से अधिक गांवों के मरीज परेशान, - मरीजो को निजी चिकित्सकों का लेना पड़ रहा सहारा*

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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीमार, कैसे हो मरीजों का इलाज
– चिकित्सक के नियमित नहीं आने से एक दर्जन से अधिक गांवों के मरीज परेशान,

(आशीष सिंघल)


– मरीजो को निजी चिकित्सकों का लेना पड़ रहा सहारा
छतारी : सुल्तानपुर बिलोनी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक के नियमित नहीं आने से आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों के मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। चिकित्सक के अभाव में मरीजों को उपचार के लिए निजी चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे गरीब और मजदूर परिवारों पर इलाज का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ओर से समस्या के समाधान को लेकर अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

छतारी क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर बिलोनी में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों की आबादी जुड़ी हुई है। ग्रामीणों को उम्मीद रहती है कि बीमारी की स्थिति में उन्हें नजदीक ही सरकारी स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी। केंद्र पर सामान्य बीमारियों की जांच, चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक दवाओं का वितरण और प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए, लेकिन चिकित्सक के नियमित उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। गांव निवासी अभिषेक राघव का कहना है कि बुखार, खांसी-जुकाम, संक्रमण, पेट संबंधी समस्या और अन्य सामान्य बीमारियों के मरीज भी निजी चिकित्सकों से उपचार कराने को मजबूर हैं। वहीं, गंभीर मरीजों को उचित चिकित्सकीय परामर्श के लिए दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है।ग्रामीणों के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक फार्मासिस्ट के भरोसे मरीजों को प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। फार्मासिस्ट द्वारा मरीजों को दवाएं वितरित की जाती हैं, लेकिन चिकित्सक की अनुपस्थिति में मरीजों की समुचित जांच और चिकित्सकीय परामर्श नहीं मिल पाता। ग्रामीणों का आरोप है कि चिकित्सक की नियमित उपलब्धता और देखरेख के अभाव में अस्पताल भवन भी बदहाल होता जा रहा है। अस्पताल के चारों तरफ घास और झाड़ियां खड़ी हैं। ग्रामीणों ने अस्पताल के कमरों में भूसा भी रखा हुआ है। अस्पताल भवन होने के बावजूद चिकित्सक के अभाव में मरीजों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं का संज्ञान लेकर चिकित्सक की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने, अस्पताल परिसर की साफ-सफाई कराने और मरीजों को सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उधर, दानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. नवल किशोर ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती है, लेकिन चिकित्सक अवकाश पर थे। इस दौरान अन्य स्टाफ मरीजों को दवाओं का वितरण कर रहा था।

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