“जल है तो कल है” अभियान: एक सराहनीय पहल
(आशीष सिंघल)

वाई एस एस फाउंडेशन द्वारा आयोजित “जल है तो कल है” अभियान, जिसमें कम्पोजिट प्राथमिक विद्यालय सदरपुर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य बच्चों और उनके माता-पिता को जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक करना रहा, जो मौजूदा समय की महत्त्वपूर्ण आवश्यकता है।
युवा शक्ति अध्यक्ष सचिन गुप्ता ने बताया की कला एक प्रभावी माध्यम है, खासकर बच्चों के लिए किसी भी महत्वपूर्ण संदेश को सरलता और रचनात्मकता के साथ समझाने के लिए। इस कार्यक्रम में भी कला के जरिए जल संरक्षण का संदेश दिया गया, जिससे बच्चों को जल के महत्त्व को समझाने में मदद मिली। इसके साथ-साथ, माता-पिता की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई, ताकि घर-परिवार में जल संरक्षण की आदतें विकसित हो सकें। बच्चों के व्यवहार और आदतों पर माता-पिता का प्रभाव बहुत गहरा होता है, इसलिए उनका सहयोग इस कार्यक्रम में अहम था।
कार्यक्रम का सफल आयोजन वन विभाग के अधिकारी प्रमोद कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में हुआ, वन विभाग भी सामाजिक कल्याण और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में सक्रिय रूप से भागीदार हैं। जल, एक अमूल्य प्राकृतिक संसाधन है, और इसका संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। इस अभियान के माध्यम से लोगों को जल बचाने के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई।
विद्यालय की प्रधानाचार्या योगिता गौरव ने बताया की यह जागरूकता केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पर्यावरण सुरक्षा के महत्त्व पर भी ध्यान दिया जाना अति आवश्यक है। जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा, दोनों ही एक दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं, और इनका संरक्षण भविष्य की स्थिरता के लिए आवश्यक है। बचपन से ही बच्चों को इन विषयों के प्रति जागरूक बनाना जरूरी है, क्योंकि यही बच्चे कल का भविष्य हैं और उन्हीं के हाथों में जल और पर्यावरण की सुरक्षा का भविष्य निहित है।
इस तरह के कार्यक्रम बच्चों और उनके परिवारों को प्रेरित करते है, जिससे वे जल और पर्यावरण संरक्षण के महत्त्व को समझेंगे और एक सुरक्षित और स्थायी भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाएंगे। आज के कार्यक्रम मे कार्यक्रम अध्यक्ष सचिन गुप्ता, प्रधानाचार्या योगिता गौरव, भावना यादव, निशा, अलका रानी, शालिनी सक्सेना, ममता रानी, निशा मलिक, रेनू तिवारी, अशोक कुमार विद्यालय के छात्र छात्राओं के साथ उनके माता पिता उपस्थित रहे।










