*गलगोटियास यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय एआईसीटीई द्वारा प्रायोजित “इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप ट्रेनिंग एंड एक्सपोजर विजिट” कार्यक्रम का हुआ समापन।*
*गलगोटियास यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय एआईसीटीई द्वारा प्रायोजित "इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप ट्रेनिंग एंड एक्सपोजर विजिट" कार्यक्रम का हुआ समापन।*
गलगोटियास यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय एआईसीटीई द्वारा प्रायोजित “इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप ट्रेनिंग एंड एक्सपोजर विजिट” कार्यक्रम का समापन।
(आशीष सिंघल)
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से आमंत्रित वक्ताओं ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने अनुभव साझा किये।
सुश्री सेल्वरानी, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय में इनोवेशन सेल में इनोवेशन अधिकारी हैं। जो प्रशिक्षु संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ लगे हुए हैं। उन्होंने आईआईसी गतिविधियों की प्रगति और युक्ति पोर्टल पर विचारों और नवाचारों को प्रस्तुत करने का मूल्यांकन किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आईआईसी रेटिंग पर मूल्यवान मार्गदर्शन प्रदान किया और आईआईसी मेंटी संस्थानों को प्रदान किए गए परामर्श समर्थन और सहायता के लिए गलगोटियास विश्वविद्यालय में आईआईसी प्रमुख डॉ. गौरव कुमार की सराहना की।
दिल्ली सरकार के ईएमसी/एचओडी आईसीटी, एससीईआरटी की परियोजना निदेशक डॉ. सपना यादव ने नवाचार के महत्व, उद्यमिता से इसके संबंध और विचारों को उद्यम में बदलने पर एक आकर्षक प्रस्तुति दी। उन्होंने आर्थिक विकास और समस्या-समाधान में नवाचार की भूमिका पर जोर दिया और दिखाया कि कैसे नवीन विचार नए व्यवसायों को जन्म देते हैं।
उन्होंने बाजार अनुसंधान, व्यवसाय योजना, वित्त पोषण और निष्पादन की सफलता के लिए कदमों की रूपरेखा के बारे में बताया।
उन्होंने शिक्षकों को उद्यमिता को प्रेरित करने के लिए रणनीतियाँ प्रदान कीं, जो एक सहायक और रचनात्मक वातावरण पर जोर देती हैं। संस्थान छात्रों को मार्गदर्शन, नेटवर्किंग और संसाधनों के माध्यम से सहायता कर सकते हैं। सफलता को उजागर करते हुए, उन्होंने दिल्ली के स्कूलों में उद्यमिता मानसिकता पाठ्यक्रम को प्रस्तुत किया, जिसमें छात्र उद्यमियों की गवाहीयों ने इसके सकारात्मक प्रभाव को दर्शाया।
दूसरे मुख्य वक्ता आईपी समाधान के संस्थापक डॉ. सौरभ त्रिवेदी ने नवाचार को बढ़ावा देने और रचनाकारों के कार्यों की सुरक्षा में बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने आर्थिक विकास को बढ़ावा देने, निवेश को प्रोत्साहित करने और व्यवसायों की प्रतिस्पर्धी बढ़त की सुरक्षा में आईपीआर के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने मजबूत आईपीआर प्रणालियों के फायदों और लाभों को दर्शाते हुए कई केस अध्ययनों पर प्रकाश डाला। उनके व्यापक कवरेज ने आईपीआर के हर पहलू को छुआ, आज की ज्ञान-संचालित अर्थव्यवस्था में इसके महत्व को रेखांकित किया।
गलगोटियास यूनिवर्सिटी के छात्र जिनके पास अपना स्टार्टअप है और उन्होंने सफलता हासिल की है, उन्होंने भी आज अपने विचार साझा किए।
स्टेलथेरा स्मार्ट वियरेबल मेडिकल वॉच कंपनी के संस्थापक अर्नव जैन ने कहा, “हमारी स्मार्ट वियरेबल मेडिकल वॉच’ न केवल दैनिक स्वास्थ्य मेट्रिक्स को मापती है बल्कि आपातकालीन प्रतिक्रिया में तत्काल अंतर को भी संबोधित करती है। यह किफायती, 24/7 पहनने योग्य डिवाइस आराम सुनिश्चित करता है, वादा करता है तेजी से विकसित हो रही दुनिया में व्यक्तिगत भलाई और सुरक्षा पर परिवर्तनकारी प्रभाव का।
बायोप्रैक्टिफाई प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और सीईओ विनीत मित्तल, छात्रों को आइवी लीग संस्थानों के शीर्ष शोधकर्ताओं से जोड़कर व्यावहारिक और शोध-आधारित शिक्षा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं अपनी पढ़ाई में शोध प्रदर्शन की कमी के समान मुद्दे का सामना कर रहा था, जिसने मुझे इस समस्या को हल करने के लिए प्रेरित किया।
नीब टेक्सास (वुडलक्स) के संस्थापक अमय अग्रवाल ने कहा, “मैं लकड़ी से पर्यावरण अनुकूल लाइटें बना रहा हूं। मैं गलगोटियास विश्वविद्यालय में अपनी पढ़ाई शुरू करने के बाद से एक साल से इस परियोजना पर काम कर रहा हूं। मैंने 5.7 मिलियन का राजस्व अर्जित किया है।”
एयरोवर्क्स ड्रोन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और निदेशक, गुड्डु कुमार ने उल्लेख किया कि वह अत्याधुनिक, हाइड्रोजन-संचालित ड्रोन के विकास में काम कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनकी टीम टिकाऊ हवाई समाधानों में विशेषज्ञ है। उनके ड्रोन हवाई निगरानी, कृषि निगरानी और रसद जैसे अनुप्रयोगों के लिए असाधारण सहनशक्ति और प्रदर्शन प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए “विकसित भारत” थीम के तहत काम कर रहे हैं।
समापन सत्र में सभी प्रतिभागियों को डॉ. मीनाक्षी शर्मा, डॉ. गौरव कुमार और श्री कमल कुमार मल्होत्रा द्वारा स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। अपने समापन भाषण में डॉ. श्रद्धा सागर ने सभी को शुभकामनाएं दीं और कहा कि हमें जीवन में हमेशा नए विचारों के साथ आगे बढ़ना चाहिए।











