*प्रताप यूनिवर्सिटी, जयपुर में वैदिक हवन के साथ मनाया गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिवस*
*प्रताप यूनिवर्सिटी, जयपुर में वैदिक हवन के साथ मनाया गया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का जन्मदिवस*

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*प्रताप यूनिवर्सिटी, जयपुर में वैदिक हवन के साथ मनाया गया प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिवस*
(आशीष सिंघल)

*17th September, 2026:* देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर प्रताप यूनिवर्सिटी,
जयपुर में कुलाधिपति शैलेन्द्र भदौरिया जी की पहल पर विशेष वैदिक हवन का आयोजन
किया गया। उज्जैन से पधारे 51 बटुकों द्वारा वैदिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ संपन्न
हुए इस हवन में प्रधानमंत्री जी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं राष्ट्रसेवा के लिए प्रार्थना की
गई।
भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक विरासत से जुड़े इस आयोजन ने संस्कृति, सेवा
और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को रेखांकित किया। 51 बटुकों द्वारा किए गए वैदिक मंत्रोच्चार से
विश्वविद्यालय परिसर का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। इस अवसर पर
प्रधानमंत्री जी के स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन के साथ देश की निरंतर प्रगति और समृद्धि की भी
कामना की गई।
इस अवसर पर प्रताप यूनिवर्सिटी, जयपुर के कुलाधिपति श्री शैलेंद्र भदौरिया जी ने कहा,
“भारतीय संस्कृति हमें प्रार्थना, संस्कार और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से अपने शुभ
भाव व्यक्त करने की प्रेरणा देती है। प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस पर प्रताप यूनिवर्सिटी में
आयोजित यह हवन उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्रसेवा के लिए हमारी ओर से एक
विनम्र प्रार्थना है। साथ ही, हम चाहते हैं कि विकसित भारत, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र प्रगति
का संकल्प हमारी युवा पीढ़ी को निरंतर प्रेरित करता रहे।” शैलेंद्र भदौरिया जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिवस की हार्दिक
शुभकामनाएं दीं और उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं राष्ट्र की सेवा में निरंतर सफलता की
कामना की।
प्रताप यूनिवर्सिटी के लिए यह आयोजन युवाओं को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और
जीवन मूल्यों से जोड़ने का भी एक अवसर रहा। विश्वविद्यालय का मानना है कि शिक्षा केवल
कक्षा और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को अपनी संस्कृति, परंपराओं और
राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वैदिक परंपराओं के अनुसार संपन्न हुए इस हवन में उज्जैन की आध्यात्मिक विरासत और
विश्वविद्यालय के युवा शैक्षणिक वातावरण का सुंदर संगम देखने को मिला। 51 बटुकों के
वैदिक मंत्रोच्चार ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक वातावरण से भर दिया और यह आयोजन
भारतीय संस्कृति, आस्था एवं राष्ट्र के प्रति शुभकामनाओं की अभिव्यक्ति बना।










