*(ESVC-3000) रैली सीजन 2 का फाइनल रेस गलगोटिया विश्वविद्यालय में शुरू होने को तैयार*
*(ESVC-3000) रैली सीजन 2 का फाइनल रेस गलगोटिया विश्वविद्यालय में शुरू होने को तैयार*

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इलेक्ट्रिक सोलर व्हीकल चैंपियनशिप (ESVC-3000) रैली सीजन 2 का फाइनल रेस गलगोटिया विश्वविद्यालय में शुरू होने को तैयार
(आशीष सिंघल)
ESVC-3000 फाइनल: गलगोटिया विश्वविद्यालय में होगा सस्टेनेबल मोबिलिटी का सबसे बाद मुकाबला
इनोवेशन और स्पीड का संगम: ESVC-3000 के फाइनल में भिड़ेंगी भारत की शीर्ष सौर-इलेक्ट्रिक टीमें
ग्रेटर नोएडा: इलेक्ट्रिक सोलर व्हीकल चैंपियनशिप (ESVC-3000) रैली सीजन-2 का बहुप्रतीक्षित फाइनल रेस चौथे दिन यमुना एक्सप्रेसवे पर आयोजित हुआ। इस प्रतियोगिता में कई चरणों की तकनीकी जांच और प्रदर्शन के बाद चार सर्वश्रेष्ठ टीमों अंतिम रेस में जगह बनाने में सफल रहीं। ये टीमें 50 किलोमीटर के कठिन ट्रैक पर अपनी सौर-इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तकनीकी दक्षता का कड़ा मुक़ाबला पेश करेंगी।
फाइनल में पहुंचने वाली चार टीमों में पिंपरी चिंचवड़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे की टीम सोलारियम, केआईईटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, गाजियाबाद की टीम इनक्रेडिबल्स, मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मणिपाल की टीम सोलरमोबिल और सिंहगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे टीम स्टेस हाइपरियन शामिल हैं। इन टीमों ने अपनी शानदार इंजीनियरिंग क्षमताओं और सस्टेनेबल ऑटोमोटिव तकनीक के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को साबित किया है। उनकी गाड़ियों को सख्त सुरक्षा और प्रदर्शन मानकों पर परखा गया है ताकि वे मुकाबले के उच्चतम स्तर को पूरा कर सकें।
प्रतियोगिता के तीसरे दिन गलगोटिया विश्वविद्यालय में टीमों को विभिन्न तकनीकी परीक्षणों से गुजरना पड़ा। कुल बीस टीमों ने सुरक्षा, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल जांच पास की। बीस टीमों ने ब्रेकिंग टेस्ट पास किया, जबकि अन्य उन्नीस टीमों ने एक्सीलरेशन टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा किया। आगे के परीक्षणों में चार टीमों ने ब्रेकिंग टेस्ट के लिए, दो टीमों ने एक्सीलरेशन टेस्ट के लिए और दो अन्य टीमों ने हिल क्लाइंबिंग टेस्ट के लिए क्वालीफाई किया ESVC-3000 प्रतियोगिता युवा इंजीनियरों की नवाचार क्षमता और दृढ़ संकल्प को दर्शाती है, जो सस्टेनेबल मोबिलिटी में क्रांति लाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। यमुना एक्सप्रेसवे पर होने वाली यह फाइनल रैली इन सौर-इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अंतिम चुनौती होगी, जहाँ दक्षता, सहनशक्ति और तकनीकी उत्कृष्टता का परीक्षण होगा।
गलगोटिया विश्वविद्यालय के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने आयोजन को लेकर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ESVC-3000 की मेजबानी करना हमारे लिए एक शानदार अवसर है। हमने इस प्रतियोगिता में अद्भुत नवाचार और शानदार टीम वर्क को देखा है, जो अगली पीढ़ी के इंजीनियरों और इनोवेटर्स को प्रेरित करेगा। यह सिर्फ एक रेस नहीं, बल्कि हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने का प्रयास है।
फाइनल रेस को लेकर रोमांच चरम पर है और सभी की निगाहें फाइनल के लिए चयनित चार चार टीमों पर टिकी हैं। प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा कल की जाएगी, जिससे इस रोमांचक और नवाचार से भरे स्तर का शानदार समापन होगा।