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*त्योहारों पर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करे : सीएमओ – घर से बाहर जाने पर तो मामॉस्क अवश्य लगाएं *

*त्योहारों पर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करे : सीएमओ - घर से बाहर जाने पर तो मामॉस्क अवश्य लगाएं *

(आशा शर्मा)


बुलंदशहर। जनपद में कोविड-19 के मामले अब काफी कम हुए हो गये हैं, लेकिन अभी खत्म नहीं हुएआ हैं। इस लिए कोविड से बचावब के लिए कोरोना प्रोटोकॉल जरूरी है। अब भी हमें सावधानी जारी रखनी होगी। त्योहार को देखते हुए त्यौहार के निकट आते ही प्रशासन की ने गाइडलाइन भी जारी की गई है। त्यौहारोंत्योहारों के जोश में कोविड प्रोटोकॉल की अनदेखी कतई न करें। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने से कोविड ही नहीं तमाम संक्रामक रोगों से भी बचाव होता है। अभी मौसम बदल रहा है, इस मौसम में संक्रामक रोगों का खतरा ज्यादा रहता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. वीके सिंह ने त्यौहारोंत्योहारों के मौके पर लोगों से ज्यादा सावधानी बरतने की अपील की है।
जिला सर्विलांस अधिकारी व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रोहताश यादव नेर बताया जनपद में कोरोना का एक एक्टिव केस है,। जिसको होम आइसोलेशन पर में रखा गया है। इस लिए जनपद के लोग कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें। घर से बाहर निकलें तो मॉस्कमास्क अवश्य लगाएं। इससे वायरल जैसे संचारी रोगों से भी बचाव होता है। इसके अलावा मॉस्कमास्क प्रदूषण से भी बचाव करता है और बदलते मौसम में बीमार पड़ने की आशंका को काफी कम कर देता है। बेशक घर में बनाया गया कपड़े का मॉस्कमास्क ही पहनें। खासकर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाएं तो कोविड प्रोटोकॉल का पालन अवश्य करें। अपने हाथों को साबुन-पानी से धोते रहें और हाथ मिलाने से परहेज करें। हाथ जोड़कर अभिवादन करें, यह हमारी संस्कृति भी है और संक्रामक रोगों से बचाव का तरीका भी। कोविड काल में पश्चिमी देशों में भी हमारी इस संस्कृति की चर्चा हुई और तवज्जो भी मिली।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. वीके सिंह ने बताया मौसम में बदलाव का समय संचारी रोगों के लिए अनुकूल रहता है, इसीलिए शासन के आदेश पर 18 अक्टूबर से विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह की शुरुआत की जा रही है। 17 नवंबर तक इस विशेष माह के दौरान स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ नगर विकास विभाग, पंचायती राज विभाग और ग्राम्य विकास जैसे विभाग अभियान चलाकर जलजमाव जलाशयों वाले स्थानों पर सफाई अभियान चलाएंगे। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग के फ्रंटलाइन वर्कर्स, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गृह भ्रमण कर बुखार, इंफ्लूएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई), टीबी के लक्षण वाले और कुपोषित बच्चों की सूची तैयार करेंगी और उन्हें उपचार उपलब्ध कराएंगी।
उन्होंने बताया स्वास्थ्य विभाग संचारी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारी में जुटा है। अभियान को सफल बनाने के लिए मलेरिया विभाग के अधिकारी आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की टीम बनाकर घर-घर जाकर बुखार, सर्दी-जुकाखाम, सहित खांसी के मरीजों काी सर्वे करा रहा है।

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